Tuesday, August 30, 2016

Dainik Ibadat New Edition 27-8-2016

dainik Ibadat - Publish From Hanumangarh And Jaipur
27 August 2016 Edition Hanumangarh









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Friday, April 6, 2012

9 अप्रैल को भारत लौटेंगे युवराज सिंह



लंदन: भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के फैंस के लिए अच्छी खबर है। युवराज 9 अप्रैल को भारत वापस लौट रहे हैं।  युवराज सिंह स्वदेश लौटने के बाद 11 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। युवराज के कैंसर का अमेरिका के टेक्सास में कई महीनों तक इलाज चला। उन्हें 18 मार्च को कैमोथेरापी के तीन स्तरों से गुजरने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था।

युवराज सिंह इन दिनों लंदन में अपने मित्र के फ्लैट पर रह रहे हैं। पिछले दिनों सचिन ने उनसे वहीं मुलाकात की थी।

फरवरी से अमेरिका में इलाज करवाने वाले युवराज के मई-जून तक मैदान पर उतरने की संभावना है। उपचार के दौरान उनके बाल निकल गये थे। युवराज पिछले साल नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में से दो मैच खेलने के बाद प्रतिस्पर्द्धी क्रिकेट में नहीं खेले हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 में पदार्पण करने वाले युवराज 274 वनडे में 8051 और 37 टेस्ट में 1775 रन बना चुके हैं। वह पिछले साल विश्व कप में मैन आफ द टूर्नामेंट रहे थे । उन्होंने नौ मैचों में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी चटकाये थे।

रक्षा खामियों के बारे में कैग ने भी चेताया था



नई दिल्ली: इस समय जब हमारे नेता सेनाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को देश की रक्षा तैयारी में खामियों को मीडिया में सार्वजनिक करने के आरोप लगा रहे है, वो उस समय खामोश क्यों थे जब सीएजी यानी कैग ने आर्मी चीफ से बहुत पहले ही देश की रक्षा खामियों को उजागर किया था।

एक दैनिक अखबार में शुक्रवार को छपी खबर के अनुसार सीएजी ने पिछले साल दिसंबर में ही देश की मौजूदा रक्षा तैयारियों में कमी के बारे में आर्मी चीफ के पत्र से भी ज्यादा गंभीर चिंता जताई थी। गौरतलब है कि 12 मार्च 2012 को सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक चिट्ठी लिखकर देश की मौजूदा सुरक्षा खामियों के बारे में अवगत कराया था।

इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात यह है कि जो नेता उस समय साएजी की रिपोर्ट के बारे में न कुछ बोल रहे थे और न ही इस संबंध में कोई जानकारी जुटा पाए थे वो ही आज सबसे ज्यादा आर्मी चीफ पर शब्दों के वार कर रहे हैं, और उनको हटाने तक की बात कर रहे हैं।

अखबार के मुताबिक, कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सेना के पास अत्याधुनिक हथियारों की कमी है। देश की रक्षा पंक्ति में लगे कुछ हथगोले और गोला बारूद तो द्वितीय विश्व युद्ध के समय के हैं। इसकी तकनीक भी 1970 के दशक की है, दूसरे शब्दों में हमारी सुरक्षी तकनीक समय के हिसाब से पुरानी हो चुकी है।

Wednesday, April 4, 2012

सेना के ‘मूवमेंट’ पर बवाल


 


नई दिल्ली. आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह के उम्र विवाद के दौरान सेना की दो टुकड़ियों के मूवमेंट को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक 16-17 जनवरी की रात ये टुकड़ियां राजधानी नई दिल्ली की तरफ बढ़ रही थीं। पीएम मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने अखबार में छपी इस खबर को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय सेना पर सवाल उठाने का कोई आधार ही नहीं है। रक्षा मामलों के विशेषज्ञ भी इस खबर पर सवाल उठा रहे हैं लेकिन बीजेपी ने इस मुद्दे को हवा दे दिया है।


मनमोहन सिंह ने कहा कि यह रिपोर्ट 'बेवजह चिंता पैदा करने वाली' है और इसे महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, "ये बेजह रपट बेवजह चिंता उत्पन्न करने वाली है। इन रपटों को महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।"
सिंह ने सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि सेना प्रमुख का पद एक गौरवशाली पद है और हम सभी का यह दायित्व है कि ऐसा कुछ न करें जिससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंचे।
 क्‍या छपा है अखबार में?
अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि हिसार से 33 वीं आर्मर्ड डिवीजन की एक यूनिट दिल्ली आ रही सेना की टुकड़ी बहादुरगढ़ के इंडस्ट्रियल पार्क तक पहुंच गई थी, जबकि आगरा से 50 पैरा ब्रिगेड की टुकड़ी पालम पहुंच चुकी थी। लेकिन दोनों को वहीं रोककर वापस भेज दिया गया था। ये दोनों टुकड़ियां बिना किसी इजाजत के दिल्ली के पास आ गई थीं। नियमों के मुताबिक राजधानी के आसपास सेना की हलचल के बारे में सरकार को पहले से ही जानकारी देनी होती है।

बताया जा रा है कि 33 वीं आर्मर्ड डिवीजन की इस यूनिट में करीब 48 हथियारबंद गाड़ियां शामिल थीं। जब इस बात की सूचना रक्षा मंत्रालय को मिली तो डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को तलब किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी से दोनों टुकड़ियों को वापस भेजने को कहा गया था। अखबार के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी ने रक्षा मंत्रालय से कहा था कि यह रूटीन अभ्यास है, जहां सेना कोहरे में मूवमेंट का अभ्यास कर रही थी।

ऐसी खबर है कि जिस वक्‍त सेना का यह ‘मूवमेंट’ हुआ, उस वक्‍त रक्षा सचिव एस के शर्मा मलेशिया दौरे पर थे लेकिन सरकार ने उन्‍हें तुरंत तलब किया। इसके बाद शर्मा रात में दिल्‍ली पहुंचे और सीधे अपने दफ्तर गए।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेना की दो टुकड़ियों के मूवमेंट की जानकारी 17 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी। उत्तर पश्चिम क्षेत्र में सेना की मूवमेंट के बारे में जानकारी ली गई और पाया गया कि कुछ भी असामान्य नहीं है।

दो टुकड़ियों के मूवमेंट की सेना के अतिरिक्त महानिदेशक (जन सूचना) मेजर जनरल एसएल नरसिंहन ने पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने कहा है कि यह रूटीन एक्सरसाइज थी। रक्षा विशेषज्ञ कर्नल (रिटायर्ड) यूके राठौड़ मानते हैं कि यह दोनों टुकड़ियां बहुत छोटी थीं, इसलिए पहले से जानकारी देने की जरूरत नहीं है।


लेकिन रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा ने इस मामले को उम्र विवाद से जोड़ने को ग़लत बताया है। शर्मा ने एक निजी टीवी चैनल ने एक निजी टीवी चैनल से कहा है कि सेना की टुकड़ियों का मूवमेंट गलत नहीं था।  गौरतलब है कि 16 जनवरी को ही थल सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

जून, 1984 में ऑपरेशन ब्लूस्टार के मद्देनज़र सेना की सिख यूनिटों के कुछ सिख दिल्ली की तरफ बढ़े थे। इसी को देखते हुए राजधानी में सेना की टुकड़ियों के मूवमेंट के लिए पहले से ही जानकारी देने का प्रोटोकॉल बनाया गया था।
सेना की सफाई
-दोनों टुकड़ियों को कोहरे में मूवमेंट का अभ्यास कराया जा रहा था।
-सेना का मूवमेंट दिल्ली की तरफ था, न कि पाकिस्तान सीमा की तरफ कि इसकी जानकारी दी जाए।
कुछ अहम सवाल
-रक्षा मंत्रालय को पहले से जानकारी क्यों नहीं दी गई?
-क्या इन यूनिटों को दिल्ली के इतने नजदीक तक आना था?
-इस मूवमेंट की जानकारी भारतीय वायुसेना को क्यों नहीं दी गई?

33 वीं आर्मर्ड डिवीजन (हिसार) 33 वीं आर्मर्ड डिवीजन (हिसार) आई कॉर्प्स का हिस्सा है, जो सेना का मैदानी फॉर्मेशन है। आई कॉर्प्स सेना की स्ट्राइक फोर्स है। आई कॉर्प्स की स्थापना 1965 में की गई थी। आई कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट प्रकाश चंद कटोच हैं। 
50 वीं पैराशूट ब्रिगेड
यह ब्रिगेड भारतीय सेना का फॉर्मेशन है। इसकी स्थापना 1941 में हुई थी। इसका मुख्यालय आगरा में है।  

Dainik Ibadat 19-09-2026